पेन हास: जब बदलाव एक निजी चुनाव बना

पेन हास ने बहुत कम उम्र में ऑस्ट्रेलियाई रग्बी लीग में जगह बनाई और साथ ही प्रसिद्धि तथा अपेक्षाओं से घिर गए। 2019 की एक बातचीत में उन्होंने कहा कि इससे पहले वे किसी धर्म का पालन नहीं करते थे। 2018 के अंत के आसपास उन्हें लगा कि वे ऐसी राह पर जा रहे हैं जिसे वे नहीं चाहते, और उन्हें वास्तविक बदलाव चाहिए।
वे मुसलमानों को जानते थे और इस्लाम को सुंदर धर्म मानते थे। 2024 में ABC से हुई बाद की बातचीत में उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात जोड़ी: उनके बड़े भाई ने पहले इस्लाम अपनाया, जिसके बाद हास ने इस्लाम के बारे में बहुत पढ़ना शुरू किया और धीरे-धीरे धर्म से प्रेम करने लगे। इससे खोज की शुरुआत स्पष्ट होती है, पर उनका पुराना कथन भी कायम रहता है कि फैसला उनका अपना था और किसी ने विचार उनके मन में नहीं डाला।
जून 2019 में प्रकाशित परिचय ने उनके इस्लाम अपनाने को 2018 के अंत के आसपास रखा। हास कहते थे कि इस्लाम ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और अपने आसपास अच्छे लोगों के होने का महत्व बताते थे। उन्होंने ज़ोर दिया कि निर्णय उनका अपना था। [H1, H2]
उनके पिता को चिंता थी कि कहीं वे किसी के प्रभाव में तो नहीं हैं, जबकि माँ ने पूछा कि उन्हें धर्म अपनाने की ज़रूरत क्यों है। बाद में माँ ने बताया कि हास ने इस आस्था से जुड़ाव और शांति मिलने की बात कही थी। 2019 में उन्होंने कहा कि बेटे में अच्छा बदलाव आया और रमज़ान अनुशासन, शक्ति और संयम सिखाता है। [H1]
मई 2019 तक वे शराब छोड़ चुके थे और प्रशिक्षण तथा प्रतियोगिता के साथ रमज़ान के रोज़े रख रहे थे। उन्होंने एकाग्रता और अच्छी संगत का ज़िक्र किया, तथा बताया कि सॉनी बिल विलियम्स संदेश भेजकर हाल पूछते और जीवन की सलाह देते थे। 2024 की ABC बातचीत में उन्होंने फिर बताया कि विलियम्स मुश्किल समय में, आस्था से जुड़ी बातों में भी, उनका साथ देते थे। [H2, H3]
यह कथा आदर्श के प्रभाव और चुनाव की स्वतंत्रता के बीच सावधान संतुलन रखती है। भाई या मित्र पढ़ने का द्वार खोल सकता है और निर्णय के बाद संगति सहारा दे सकती है, फिर भी हास ने चुनाव को अपनी खोज और बदलाव की जरूरत से जोड़ा। व्यापक बातचीत में वे चाहते थे कि युवा जानें—बदलने में कभी बहुत देर नहीं होती। [H1, H3]
