मुताह बील: जब शोहरत जवाब नहीं दे सकी

आउटलॉज़ समूह में नेपोलियन के नाम से पहचाने जाने वाले मुताह बील ने वह दुनिया पा ली थी जिसका सपना देखा था—रिकॉर्ड, दौरे और पैसा। फिर भी उन्हें वह सुकून नहीं मिला जिसकी तलाश थी। बचपन में माता-पिता को खोने के बाद उनका पालन-पोषण ईसाई दादी ने किया। आगे के वर्षों में अपनों की मृत्यु और हानिकारक आदतों ने उनकी बेचैनी बढ़ाई।
शुरू में इस्लाम के साथ उनकी यादें दुख से जुड़ी थीं। उन्होंने अपने माता-पिता की हत्या करने वालों को अमेरिका के नेशन ऑफ़ इस्लाम संगठन से जोड़कर देखा था। फिर रिकॉर्डिंग स्टूडियो में एक मुसलमान ने उनके और उनके भाई के बीच झगड़ा रोका। इसके बाद वह व्यक्ति उन्हें मस्जिद आने का निमंत्रण देता रहा।
जब बील वहाँ गए, तो अलग-अलग पृष्ठभूमियों के लोगों को साथ नमाज़ पढ़ते और भाईचारे से मिलते देखा। यह उनकी अपेक्षा से अलग था। जिज्ञासा बढ़ी, उन्होंने इस्लाम के बारे में पढ़ना शुरू किया और कुरआन के अर्थों का अंग्रेज़ी अनुवाद घर ले जाकर पढ़ा।
उन्हें उन नबियों के नाम मिले जिनके बारे में बचपन में सुना था। फिर मुहम्मद और उनके साथियों के बारे में जाना। उनके अनुसार, अध्ययन और नमाज़ के अनुभव ने उन्हें अपने सृष्टिकर्ता की इबादत करने का विश्वास दिया। अरब न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने 2002 को इस्लाम स्वीकार करने का वर्ष बताया। अब विश्वास के निर्णय को जीवन में उतारना था।
आदतें बदलना निर्णय लेने से कठिन था। पुराने काम के अनुबंधों के कारण कुछ समय काम जारी रहा। फिर उन्होंने अश्लील शब्दों से मुक्त एल्बम बनाने की कोशिश की और अंततः संगीत उद्योग छोड़ दिया। कुछ मित्रताएँ प्रभावित हुईं; परिवार और पुराने साथियों में से कुछ ने समय के साथ उनकी गंभीरता समझी। उन्होंने यह नहीं कहा कि मुसलमान होते ही हर कठिनाई खत्म हो गई।
2022 के साक्षात्कार में उन्होंने रियाद में व्यवसाय और पारिवारिक जीवन का ज़िक्र किया, जिसमें बच्चों को स्कूल छोड़ना भी शामिल था। अतीत सुनाते समय वह उसे आकर्षक बनाकर पेश नहीं करना चाहते थे। वह युवाओं को यह दिखाना चाहते थे कि बदलाव संभव है।
इस यात्रा में धैर्यपूर्ण व्यवहार, स्वयं अध्ययन और निर्णय के बाद की मेहनत एक-दूसरे से जुड़ते हैं। स्वागत ने रास्ता खोला और पढ़ने से विश्वास बना। क्या हम खोज करने वाले को प्रश्नों की जगह और नया रास्ता चुनने वाले को आगे बढ़ने का सहारा दे सकते हैं?
