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जेफ़ मॉन्सन: ईश्वर की लंबी तलाश और मॉस्को में लिया गया सार्वजनिक निर्णय

गर्म रोशनी में कालीन पर रखी बंद क़ुरआन
Malik Shibly / Unsplash — source · license.

जेफ़ मॉन्सन ने इस्लाम स्वीकार करने को अचानक उठाया गया कदम नहीं बताया। घटना के बाद प्रकाशित साक्षात्कारों में उन्होंने कहा कि यह प्रश्न वर्षों से उनके साथ था: वे ईसाई परिवेश में बड़े हुए, कुछ बातों को मानते रहे, कुछ पर सवाल उठाते रहे और ईश्वर तक पहुँचने वाले संतोषजनक मार्ग की खोज करते रहे।

बाश्कोर्तोस्तान के ऊफ़ा में रहने से इस्लाम उनके लिए केवल विचार नहीं रहा। उन्होंने मुस्लिम मित्रों को परिवार और समाज में देखा और उनके बीच सम्मान, प्रेम और परस्पर सहायता का उल्लेख किया। रोज़मर्रा का यह उदाहरण उनकी तलाश को व्यावहारिक रूप देता गया।

उनके अनुसार निर्णय पर गंभीर विचार चार-पाँच वर्ष चला। उन्होंने इसे किसी एक तर्क तक सीमित नहीं किया; धर्म की समझ, मित्रता, भाईचारा और यह विचार कि ईश्वर से निकटता लोगों की देखभाल में दिखनी चाहिए—ये सब साथ जुड़े।

रूस में ग़ज़ा से आए फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों के साथ काम ने भी उन्हें प्रभावित किया। उनके कथन के अनुसार, भारी नुकसान झेल चुके लोग फिर भी ईश्वर का शुक्र करते और एक-दूसरे का सहारा बनते थे। यहाँ उनके दुख को सजावटी कथा नहीं बनाया गया; केवल मॉन्सन का घोषित प्रभाव दर्ज है।

19 जून 2024 को मॉस्को के एक इस्लामी केंद्र में मॉन्सन ने सार्वजनिक रूप से इस्लाम स्वीकार किया और शहादा पढ़ा। Match TV के संवाददाता ने उसी समय घटना की रिपोर्ट की और उसी दिन मॉन्सन का यह कथन प्रकाशित किया कि वे वर्षों से इस कदम पर विचार कर रहे थे। इसलिए दिन और शहर निश्चित हैं, पर मस्जिद का नाम, गवाह या अनप्रकाशित शब्द नहीं गढ़े गए।

बाद में तुर्की संसद की मस्जिद में जुमा पढ़ने के बाद उन्होंने इसे लंबे समय से प्रतीक्षित आध्यात्मिक अनुभव कहा, जिसने उन्हें ईश्वर और अपने भाइयों के निकट महसूस कराया। यह इस्लाम स्वीकार करने के बाद का दिनांकित बयान है, आज की धार्मिक स्थिति का प्रमाण नहीं।

उनकी कहानी बताती है कि खोज निरंतर अध्ययन, साधारण मानवीय उदाहरण और कठिन समय में दिखाई देने वाली करुणा से परिपक्व हो सकती है। यहाँ केवल प्रकाशित यात्रा और जून 2024 का निर्णय दर्ज है; आज के अंतर्मन के बारे में कोई अनुमान नहीं।

सत्यापन के स्रोत

  1. Match TV — same-day report and direct statement
  2. Match TV — direct explanation
  3. Sport-Express — direct interview
  4. Anadolu — post-conversion Friday prayer interview
  5. Al Jazeera Mubasher — event video report