रॉबी “हमज़ा” मैस्ट्राची: जब उन्होंने अनुसरण करने योग्य राह माँगी

रॉबी मैस्ट्राची के बचपन में धर्म से कभी-कभार परिचय रहा, फिर वे उससे दूर हो गए। सोलह वर्ष की उम्र में अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया लौटे तो उन्हें लगा कि वे अपने जीवन और दोस्तों से उखाड़ दिए गए हैं। उन्होंने स्कूल छोड़ दिया। नशीले पदार्थों का इस्तेमाल जीवन की पृष्ठभूमि में बना रहा और शुरुआती विवाह टूटने के बाद बढ़ता गया; अंततः वे अपराध में पड़े और 2007 में जेल गए।
जेल से निकलना उन्हें तुरंत नहीं बदल सका। उनके अनुसार वे सीधे उसी पुराने व्यवहार में लौट गए। बदलाव तब शुरू हुआ जब उन्होंने देखा कि वे अपने ही सबसे बुरे रूप में बदल चुके हैं। उन्होंने अपने और दूसरों के प्रति ईमानदार होने की कोशिश की, एक बैपटिस्ट चर्च गए और ज़रूरतमंदों के लिए भोजन बनाने में हाथ बँटाया। इन कदमों ने दिखाया कि बदलाव संभव है, भले राह अभी स्पष्ट न थी।
वे ईश्वर में विश्वास करते थे, लेकिन उनका कहना था कि ईसाई धर्मशास्त्र की उनकी समझ उन्हें संतुष्ट नहीं करती थी। क़ुरआन पढ़ने और मस्जिद जाने की इच्छा उनके मन में लंबे समय से थी। एक बहुत कठिन दिन उन्होंने कुछ सप्ताह पहले मिले मोहम्मद नामक टैक्सी चालक को फ़ोन किया और मस्जिद ले चलने को कहा, क्योंकि उन्हें मार्गदर्शन और मदद चाहिए थी।
मोहम्मद उसी शाम उन्हें मस्जिद ले गए। रॉबी ने एक इमाम से बात की, जमाअत को नमाज़ पढ़ते देखा और वहाँ शांति तथा अपनापन महसूस होने की बात कही। उनके अनुसार उन्होंने उसी रात शहादा पढ़ा। 2017 के अपने वृत्तांत में उन्होंने उस रात को लगभग पाँच वर्ष पहले, यानी करीब 2012 में रखा।
इस्लाम की ओर उनका आकर्षण केवल आचरण की व्यवस्था तक सीमित नहीं था। शराब और नशीले पदार्थों से दूर रहने वाले मुसलमानों में दिखाई देने वाली दृढ़ता ने उन्हें प्रभावित किया। उन्होंने तौहीद और क़ुरआन को अंतिम वह्य मानने की अपनी आस्था भी स्पष्ट की। साफ़ नियम बदलाव में सहायक बने, जबकि धार्मिक विश्वास भी उनके बताए निर्णय का हिस्सा था।
रॉबी ने अपने जीवन में आए बदलाव और नशीले पदार्थों से दूरी को इस्लाम से जोड़ा; 2017 में उन्होंने कहा कि वे पाँच साल से नशे से दूर थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके इस्लाम स्वीकार करने के तीन महीने बाद उनकी माँ ने भी इस्लाम अपनाया, और आसपास के अधिकतर लोगों ने उनके जीवन में बदलाव देखकर उनका समर्थन किया।
2017 में उन्होंने आस्था के कारण भेदभाव झेलने की बात भी कही; इस तरह की शत्रुता उनके लिए नया अनुभव था।
बाद में वे सामुदायिक संपर्क और युवाओं के मार्गदर्शन में लगे। 2018 में The Guardian ने बताया कि वे हर सप्ताह मुस्लिम कैदियों से मिलते थे और हिरासत के दौरान तथा रिहाई के बाद रोज़गार खोजने और दोबारा अपराध से बचने में सहायता करते थे। मार्गदर्शन की एक निजी पुकार उस चक्र से दूसरों को निकालने के व्यावहारिक काम में बदल गई जिसे वे स्वयं जानते थे।
स्रोत
- SBS Voices — रॉबी का प्रथम-पुरुष वृत्तांत, 27 अक्टूबर 2017
- SBS — उनकी यात्रा और सामुदायिक कार्य का वृत्तचित्र परिचय, 5 अक्टूबर 2017
- The Guardian — जेल में उनके मार्गदर्शन कार्य पर स्वतंत्र साक्षात्कार, 5 जनवरी 2018
फ़ोटो: Niklas Weiss / Unsplash.
