रोजर दानुआर्ता: दोस्तों को देखने से अपने निर्णय तक

अपनी आस्था की घोषणा का वीडियो फैलने से पहले रोजर दानुआर्ता मुस्लिम दोस्तों के जीवन को देख रहे थे। काम और रोज़मर्रा के व्यवहार ने उनका ध्यान खींचा। नमाज़ से जुड़ा सुकून भी उन्हें प्रभावित करता था। बाद में उन्होंने बताया कि मुसलमान बनने की इच्छा कैमरे के सामने आने से बहुत पहले की थी।
वह गैर-मुस्लिम परिवार से थे, इसलिए इस बदलाव में घर के साथ संवाद भी शामिल था। वह पालन-पोषण करने वाले माता-पिता की सहमति चाहते थे, जो तुरंत नहीं मिली। माँ ने पूछा कि वह कितने गंभीर हैं और क्या कुरआन पढ़ना सीखना शुरू किया है। उन्होंने इन सवालों को अपनी पसंद समझाने की प्रक्रिया के रूप में याद किया।
2018 के अंत में प्रकाशित विवरण में उन्होंने बताया कि गंभीरता देखने के बाद माँ ने उनका साथ दिया। उनकी पढ़ाई में माँ की रुचि एक प्रिय स्मृति बन गई। परिवार का सम्मान निर्णय से अलग नहीं था; वह उसके आसपास धैर्य से किए जाने वाले काम का हिस्सा था।
29 अक्टूबर 2018 को बेकासी क्षेत्र में इंसान मोकोगिंता के मार्गदर्शन में उनका कलिमा पढ़ना रिकॉर्ड किया गया। नए मुसलमानों के केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि रोजर अब सार्वजनिक रूप से बताने को तैयार थे और दस्तावेज़ के लिए कलिमा दोबारा पढ़ा गया था। इसलिए सार्वजनिक दृश्य उनकी पहले से चल रही निजी यात्रा का एक चरण था।
घोषणा के बाद भी पढ़ाई जारी रही। सितंबर 2019 में सुआरा ने रोजर और उनकी पत्नी कुत मेइरिस्का का संयुक्त साक्षात्कार लिया। पत्नी ने बताया कि वह शिक्षकों के साथ धर्म के विषयों पर चर्चा और अध्ययन करते थे। वह स्वयं भी सीखती रहीं। अलग अनुभव होने पर भी दोनों साथ सीख सकते थे।
खोज किसी साधारण चीज़ से शुरू हो सकती है—दोस्त के काम, व्यवहार या नमाज़ से। फिर ज्ञान, निर्णय और सहयोग चाहिए। लोग हमारी बातें सुनने से पहले साथ रहने में क्या देखते हैं? और क्या उनका निर्णय हो जाने के बाद भी हमारा सहारा बना रहता है?
स्रोत
- Suara — Interview: Roger Danuarta and Cut Meyriska, 22 September 2019
- Hanif Hawari / detikHot — Roger Danuarta Mualaf di Bekasi, 30 October 2018
- Veynindia Esaloni Pardede / detikHot — Roger remembers his mother's support, 31 December 2018
- Maliah Surip / Gempak — Roger Danuarta on his decision, 23 April 2019
