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डेव शपेल: पिज़्ज़ा की दुकान से शुरू हुई अर्थ की तलाश

धूप से रोशन खिड़की के पास लकड़ी की मेज़ और कुर्सियाँ

ज़िंदगी का कोई बड़ा सवाल रोज़मर्रा की एक साधारण जगह पर भी जन्म ले सकता है। मशहूर होने से बहुत पहले डेव शपेल वॉशिंगटन में अपने घर के सामने की पिज़्ज़ा की दुकान पर जाते थे। वहाँ काम करने वाले मुस्लिम लोगों से हँसी-मज़ाक होता, फिर उनकी जिज्ञासा उन्हें धर्म के बारे में सवाल पूछने की ओर ले जाती। साल 2020 में डेविड लेटरमैन से बातचीत के दौरान उन्होंने दुकान के मालिक का उत्साह और जीवन के प्रति उसका वह नज़रिया याद किया, जो उन्हें गहराई से प्रभावित करता था।

2020 की बातचीत में उन्होंने इस्लाम स्वीकार करने का समय सत्रह वर्ष की उम्र बताया। वह आध्यात्मिक गहराई और अर्थ वाला जीवन चाहते थे, जिसकी कीमत सिर्फ़ संपत्ति से तय न हो। दुकान के मुस्लिम कर्मचारियों से हँसी-मज़ाक और बातचीत के बीच साधारण सवाल उनके धर्म को जानने का रास्ता बने। मालिक के उत्साह ने उन्हें सुनने के लिए प्रेरित किया।

कामयाबी मिलने के बाद भी जीवन के उद्देश्य का सवाल बना रहा। वर्ष 2005 में टाइम पत्रिका को दिए साक्षात्कार में उन्होंने अपनी नीयत पर सोचने और प्रसिद्धि के दबाव से कुछ दूर रहने की ज़रूरत बताई। वह यह समझना चाहते थे कि उनका काम कैसा हो रहा है और वह स्वयं कैसे इंसान बन रहे हैं।

2005 में डरबन में वे मुस्लिम मित्र सलीम के यहाँ रहे।

वह अपनी सार्वजनिक छवि को धर्म का पूरा प्रतिनिधि भी नहीं बनाना चाहते थे। उन्होंने समझाया कि वह आस्था पर कम बोलते हैं, क्योंकि नहीं चाहते कि लोग उनकी कमियों को इस्लाम से जोड़ें। उनके लिए धर्म को समझना और उसके अनुसार जीना उम्र भर की कोशिश थी। किसी आदर्श को मानना और उसे पूरी तरह जी पाना दो अलग स्थितियाँ हैं; इस दूरी को स्वीकार करना आत्मपरीक्षण की जगह बनाता है।

2020 की बातचीत में उन्होंने महामारी के दौरान ओहायो के अपने समुदाय में किए गए कार्यक्रमों का भी ज़िक्र किया। इनसे उन लोगों को काम मिला जिनकी रोज़ी प्रभावित हुई थी। दूसरों के लिए उपयोगी होने की वजह से ये कार्यक्रम उनके लिए विशेष अर्थ रखते थे। युवावस्था की अर्थ की तलाश उनके काम को देखने के तरीके में भी दिखाई देती है।

2020 में उन्होंने एक दयालु मूल स्रोत से सबके जुड़े होने में सांत्वना बताई, भले ही उसके सारे उद्देश्यों को समझना संभव न हो।

पिज़्ज़ा की दुकान से लेकर काम और नीयत पर चिंतन तक, उनका विवरण युवावस्था की अर्थ की तलाश पर लौटता रहा। उन्होंने विश्वास के साथ अपनी कमियाँ भी स्वीकार कीं, और सफलता के साथ पूछा कि उनका काम दूसरों को क्या दे सकता है। 2005 और 2020 के प्रकाशित बयानों में उनके आदर्श और वह इंसान बनने की कोशिश साथ-साथ दिखाई देते हैं।

स्रोत

तस्वीर: mindeurle lee / Unsplash.

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