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मेगन बी. राइस: दृढ़ आस्था के प्रश्न से क़ुरआन पढ़ने तक

गर्म रोशनी में गलीचे पर रखा बंद क़ुरआन
Malik Shibly / Unsplash — स्रोत · लाइसेंस.

मेगन बी. राइस इंटरनेट पर पुस्तकों के बारे में लिखती थीं और एक पाठक समुदाय चलाती थीं। उनके अनुसार उनका पालन-पोषण धार्मिक वातावरण में नहीं हुआ था और इस यात्रा की शुरुआत में धर्म बदलने का उनका इरादा भी नहीं था। 2023 की शरद ऋतु में उन्होंने फ़िलिस्तीनियों को भय और क्षति के बीच भी ईश्वर की ओर मुड़ते देखा, तो उनके मन में उस दृढ़ता के स्रोत को समझने का प्रश्न उठा। [MR-S1, MR-S2, MR-S4]

कुछ मुस्लिम अनुयायियों ने उन्हें क़ुरआन पढ़ने और आस्था को उसके मूल पाठ के माध्यम से समझने का सुझाव दिया। उन्होंने सुनना और पढ़ना शुरू किया, फिर अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों के लिए ऑनलाइन “विश्व धर्म पुस्तक क्लब” बनाया। उनका घोषित उद्देश्य सीखना और सहानुभूति बढ़ाना था, पहले से तय निष्कर्ष तक पहुँचना नहीं। [MR-S1, MR-S3, MR-S4]

पढ़ते हुए राइस ने कहा कि क़ुरआन में उन्हें ऐसे विषय मिले जो उनके पहले से मौजूद मूल्यों से मेल खाते थे, विशेषकर उत्पीड़न और अति-उपभोग का विरोध। उन्होंने यह भी पहचाना कि मुसलमानों के विरुद्ध खुले भेदभाव को नकारने के बावजूद उन्होंने इस्लाम को असाधारण रूप से कठोर मानने वाली छवि अपने भीतर ग्रहण कर ली थी। पाठ ने उन्हें उस छवि की जाँच करने का अवसर दिया। [MR-S1]

कई सप्ताह तक उन्होंने पढ़ना और सार्वजनिक चर्चा जारी रखी; दूसरों की आस्था को देखने से आगे बढ़कर वे यह पूछने लगीं कि यह पाठ स्वयं उनके लिए क्या अर्थ रखता है। [MR-S4]

नवंबर 2023 में राइस ने शहादा पढ़ा। बाद के साक्षात्कारों में उन्होंने कहा कि उन्होंने दूसरों को समझने के लिए पढ़ना शुरू किया था, नई धार्मिक पहचान खोजने के लिए नहीं; फिर पढ़ी हुई बातों ने उन्हें उस निर्णय तक पहुँचाया जिसकी उन्होंने शुरुआत में योजना नहीं बनाई थी। [MR-S2, MR-S3, MR-S4]

जनवरी 2024 में प्रकाशित एक साक्षात्कार में राइस ने न्याय के लिए अपने काम करने के ढंग में बदलाव बताया: क्रोध कम हुआ और करुणा बढ़ी। उनका सामाजिक कार्य इस्लाम स्वीकार करने से पहले से जारी था; नए विश्वास का जो प्रभाव उन्होंने बताया, वह लोगों को देखने और उस काम को आगे बढ़ाने के तरीके में था। [MR-S2]

शुरुआत में कठिनाइयाँ भी थीं। Islamic Horizons के मार्च/अप्रैल 2024 अंक में प्रकाशित साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि शहादा के साथ उनके सारे प्रश्न समाप्त नहीं हुए थे। उनके निजी चुनावों पर आई प्रतिक्रियाओं के कारण उन्होंने धार्मिक शिक्षा में अपनी प्रगति सार्वजनिक रूप से कम साझा करना शुरू किया। वे सलाह के पीछे का कारण समझना चाहती थीं और दूसरे नए मुसलमानों के बीच उन्हें अधिक समझ मिली। उन्होंने अपने सीखने के लिए अधिक शांत जगह चुनी। [MR-S3]

स्रोत