मर्सी ऐग्बे: प्रेम ने एक द्वार खोला और उन्होंने भीतर जाने का निर्णय लिया

मर्सी ऐग्बे अदेओती का धार्मिक निर्णय सार्वजनिक समाचार बनने से पहले ही वे नाइजीरिया की जानी-मानी नॉलीवुड अभिनेत्री थीं। वर्ष 2022 में उन्होंने फिल्मकार काज़ीम अदेओती से विवाह किया। अप्रैल 2023 के आरंभ में वे उस रमज़ान व्याख्यान में दिखाई दीं जिसे दोनों ने मिलकर आयोजित किया था, और उन्होंने अपना नया नाम बताया—हाजिया मीनाह मर्सी अदेओती। [2][4]
बाद में ऐग्बे ने धर्म के मामले में स्वयं को खुले विचारों वाला बताया। उनका कहना था कि कोविड-19 के बाद उन्हें नियमित रूप से चर्च जाना कठिन लगने लगा था। [2]
उनके पति एक आस्थावान मुसलमान थे। ऐग्बे ने साफ कहा कि पति के प्रति उनके प्रेम ने इस परिवर्तन को आसान बनाया। साथ ही उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि इस्लाम अपनाने का निर्णय उनका अपना था और वे अपने कामों की ज़िम्मेदारी उठाने की आयु में थीं। [2][3]
2 और 3 अप्रैल 2023 को जिस रमज़ान व्याख्यान की खबरें प्रकाशित हुईं, उसमें उन्होंने लोगों से स्वयं को हाजिया मीनाह मर्सी अदेओती कहने के लिए कहा। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि अंग्रेज़ी में Meenah के अंत में “H” है। उन्होंने उत्साह और संतोष की बात की और व्याख्यान को यह जानने का अवसर बताया कि अल्लाह क्या कहते हैं और मनुष्य को क्या अपनाना चाहिए। [4]
TVC के कार्यक्रम Your View में दिए साक्षात्कार में ऐग्बे ने इस्लाम सीखने को लेकर अपना उत्साह व्यक्त किया। उनके ये कथन दिसंबर 2023 में प्रकाशित हुए। उनके वर्णन में यह निर्णय रोज़मर्रा की ज़िंदगी में जारी सीखने की शुरुआत था। [2][3]
यह सीख जल्दी ही व्यवहार का विषय बन गई। अपने पहले रमज़ान में उन्होंने सहरी के लिए जागने और दिन में नींद से जूझने की कठिनाई बताई, साथ ही कहा कि रोज़े के साथ उनका तालमेल बेहतर हो रहा था। [4]
बाद की रिपोर्टों में कहा गया कि जून में वे अपने पति के साथ मक्का की एक धार्मिक यात्रा पर गईं। [3]
ऐग्बे ने कहा कि इस निर्णय से पति के साथ उनका संबंध और निकट तथा मधुर हुआ। [2]
मर्सी का अनुभव उन लोगों के लिए एक सीख रखता है जो किसी निकट व्यक्ति की आस्था से प्रभावित होते हैं: निकटता एक द्वार खोल सकती है, पर वह प्रश्न, अध्ययन और अपने निर्णय का स्वामित्व नहीं ले सकती। शुरुआत का मूल्यांकन पहले रमज़ान में सहरी के लिए आसानी से जाग पाने या हर इबादत तुरंत सीख लेने से भी नहीं होता। रास्ता तब परिपक्व होता है जब घोषित निर्णय बढ़ते ज्ञान और अपनी इच्छा से बार-बार किए जाने वाले कर्म में बदलता है।
