निकोलस अनेल्का: सुर्खियों से पहले का विश्वास

निकोलस अनेल्का ने अपनी कहानी को एक धर्म से दूसरे धर्म में अचानक हुए परिवर्तन के रूप में नहीं बताया। 2009 के एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वे पहले ईसाई नहीं थे और किसी धर्म से जुड़े नहीं थे। उन्होंने उस मीडिया-समयरेखा को सुधारा जो उनके इस्लाम को हाल की घटना बताती थी: वे सोलह वर्ष की उम्र में, लगभग 1995–1996 में, मुसलमान हुए और पेशेवर फुटबॉल शुरू करने तक पहले से मुसलमान थे।
वे फ्रांस के त्राप में पले, जहाँ उनके बहुत-से मित्र मुसलमान थे। बाद के साक्षात्कार में उन्होंने याद किया कि आसपास रोज़ा रखने वालों से प्रभावित होकर वे रमज़ान में रोज़ा रखते थे। उन्होंने इसे अपने-आप में पूरा तर्क नहीं बताया; यह रोज़मर्रा की निकटता थी, जिसके बाद वह विश्वास आया जिसका उन्होंने उल्लेख किया—कि इस्लाम उनके लिए सही धर्म है।
स्रोत किसी निश्चित शहादा-दिन, उसके शब्दों या उपस्थित लोगों की सूची नहीं देते। 2004 में मस्जिद में औपचारिक घोषणा की खबरें भी कहानी की शुरुआत नहीं बन सकतीं, क्योंकि उनकी सीधी गवाही निर्णय को किशोरावस्था में रखती है। इसलिए कथा आरंभिक निजी प्रतिबद्धता और बाद की सार्वजनिक या औपचारिक पहचान के बीच अंतर बनाए रखती है।
2008 में FourFourTwo ने पूछा कि उन्होंने इस्लाम क्यों अपनाया। उन्होंने कहा कि यह जीवन का ऐसा तरीका है जो उन्हें अनुकूल लगता है और जिसमें वे धर्म तथा स्वयं के साथ सहज अनुभव करते हैं। साथ ही उन्होंने उस प्रेस-दावे को नकारा कि इस्लाम के कारण वे मध्य-पूर्व में बसना चाहते थे। धर्म, उनके अनुसार, निजी जीवन का वह पक्ष था जिस पर वे कम बोलते थे।
Super पत्रिका से उद्धृत साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि इस्लाम ने उन्हें अधिक धैर्यवान, शांत और स्पष्ट बनाया। उन्होंने जीवन को एक क्षण में उलट गया ऐसा नहीं बताया। 2015 के साक्षात्कार में कहा कि इस्लाम में मिले कुछ मूल्यों के अनुसार वे पहले से जी रहे थे; फिर भीतर की निश्चितता और ईश्वर से संबंध ने उन्हें विश्वास दिलाया कि यही उनका धर्म है।
यही भाव 2012 में Le Parisien को दिए साक्षात्कार में फिर दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि धर्म और विश्वास में दृढ़ता ने कठिनाइयों से निकलने में सहायता की और धर्म उन्हें ऊपर उठाता है। यह उस समय की दिनांकित सार्वजनिक गवाही है, आज के निजी जीवन पर खुला दावा नहीं।
यह यात्रा दिखाती है कि इस्लाम में रुचि साधारण मित्रता और दोस्तों में देखे गए अभ्यास से शुरू हो सकती है, फिर व्यक्ति का अपना निर्णय बनती है। यह भी बताती है कि स्वयं व्यक्ति द्वारा सुधारी गई समयरेखा क्यों महत्वपूर्ण है: बाद की सार्वजनिक घोषणा उसकी बताई हुई पहले की शुरुआत को मिटा नहीं सकती।
स्रोत
- Gregg Davies / FourFourTwo — Nicolas Anelka One-on-One, 1 July 2008
- Al Jazeera — report of UAE Super magazine interview, 19 May 2009
- Arnaud Ramsay / Le Parisien — Nicolas Anelka : je suis un aventurier, 23 October 2012
- Ummah Sport — reproduction of Nabila Ramdani / Al Arabiya interview, 31 March 2015
